हरियाणा : सैनी सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य भर में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे, कार्यप्रणाली और सेवाओं में सुधार के प्रयासों के तहत 720 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की है। इसके साथ ही, अस्पतालों में शेष रिक्त पदों को भरने के लिए भी सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने पंचकूला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), उप-स्वास्थ्य केंद्रों और नागरिक अस्पतालों सहित 785 चिकित्सा संस्थानों का उन्नयन किया जाना है। इनमें से 534 के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
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मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) को बढ़ाने के लिए हरियाणा राज्य के व्यापक प्रयासों की भी जानकारी दी। आरती सिंह राव ने बताया कि ये एफआरयू विशिष्ट मातृ एवं नवजात शिशु देखभाल प्रदान करते हैं। वर्ष 2014 में हरियाणा में जहाँ 41 एफआरयू थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 87 हो गई है। भविष्य में विशेषज्ञ सेवाओं से सुसज्जित अतिरिक्त एफआरयू स्थापित करने की योजना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि स्कूली बच्चों को निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराने और 45 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए दृष्टि सुधार हेतु इस माह पहला राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया। 22 जिला अस्पतालों, 50 उप-मंडल अस्पतालों और 122 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक साथ 1.4 लाख से अधिक चश्मे वितरित किए गए। साथ ही 14,267 सरकारी स्कूलों में लगभग 21 लाख छात्रों की आँखों की जाँच की जा रही है और लगभग 40 हज़ार दृष्टिबाधित छात्रों को निःशुल्क चश्मे दिए जाएँगे। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आगे बताया कि “मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अगले महीने सभी जिलों में लगभग 2256 करोड़ रुपये की कई स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन और 594 करोड़ रुपये की अतिरिक्त परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।”
हरियाणा में वर्ष 2014 में एमबीबीएस सीटों की संख्या 700 थी, जिसे वर्तमान में बढ़ाकर 2185 कर दिया गया है। चरखी दादरी और भिवानी में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के साथ, इस वर्ष के अंत तक 300 और नई एमबीबीएस सीटें जुड़ जाएँगी। पीजी (एमडी/एमएस) सीटों की संख्या 289 से बढ़ाकर 874 कर दी गई है। वहीं, नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छह सरकारी नर्सिंग कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जिनमें से रेवाड़ी कॉलेज का उद्घाटन हो चुका है। जबकि शेष पाँच कॉलेजों का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि “हरियाणा आयुष क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुरुक्षेत्र में एमबीबीएस की 1000 सीटें होंगी। सरकार अंबाला के फतेहपुर गाँव में 100 एकड़ भूमि पर श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी। इस विश्वविद्यालय में बीएएमएस के लिए 63, पीजी के लिए 82 और फार्मेसी डिप्लोमा के लिए 63 सीटें होंगी। इसके अतिरिक्त, रेवाड़ी और जींद में आयुष हर्बल पार्क स्थापित किए जाएँगे और अंबाला के चांदपुरा गाँव में एक सरकारी होम्योपैथिक कॉलेज प्रस्तावित है। इस पहल को सहयोग देने के लिए, रामपुर-सरसेहड़ी सामुदायिक केंद्र में 25 बिस्तरों वाला होम्योपैथिक अस्पताल पहले ही चालू कर दिया गया है।” हरियाणा में लिंगानुपात के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कड़ी निगरानी के कारण पिछले 2-3 वर्षों में इन आंकड़ों में लगातार सुधार हो रहा है। संदिग्ध अवैध गर्भपात की रिवर्स ट्रैकिंग की जा रही है और बिना डॉक्टर के पर्चे के एमटीपी गोलियों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे इस प्रवृत्ति में सकारात्मक बदलाव आया है।

